June 24, 2026 12:34 am

बच्चों की हिचक दूर करेगा स्कूल रेडिनेस, खेल-खेल में ही सीखेंगे पढ़ना-लिखना, खास वर्क बुक के साथ यह तरीका अपनाएंगे पढ़ाई में…..

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Sarjit Singh

बच्चों की हिचक दूर करेगा स्कूल रेडिनेस, खेल-खेल में ही सीखेंगे पढ़ना-लिखना

बच्चों की हिचक दूर करेगा स्कूल रेडिनेस, खेल-खेल में ही सीखेंगे पढ़ना-लिखना, खास वर्क बुक के साथ यह तरीका अपनाएंगे पढ़ाई में…..

खास वर्क बुक के साथ यह तरीका अपनाएंगे पढ़ाई में

भाषा नहीं बनेगी बाधा, बच्चों की भाषा समझ कर शिक्षक करेंगे संवाद

बीकानेर, @MaruSangram। शिक्षा विभाग कक्षा एक में नव प्रवेशित बच्चों को स्कूल रेडिनेस प्रोग्राम के माध्यम से शैक्षिक वातावरण के प्रति सहज बनाएगा।

बच्चों में डर-भय, संकोच को दूर करके उनमें सहज तरीके से खेल-खेल में ही मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से अध्ययन के प्रति रुचि पैदा करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। प्रोग्राम की खास बात यह है कि इसमें बच्चों से ज्यादा शिक्षकों को समझना होगा कि बच्चा क्या कहना चाह रहा है। क्या समझ रहा है। मतलब भाषा को लेकर कोई बंधन नहीं होगा।

बच्चा जिस भाषा या बोली में बात करेगा, शिक्षक पर ही जिम्मेदारी होगी कि वह उस बोली-भाषा और मंतव्य को समझे और उससे संवाद करे।

धीरे-धीरे बच्चा जब सहज हो जाएगा, तो हिंदी में संवाद और शिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्कूल रेडिनेस का यह कार्यक्रम 12 सप्ताह अथवा तीन महीने तक चलेगा।

इसलिए पड़ी जरूरत
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक में प्रवेश ले चुके और प्रवेश लेने योग्य बच्चों के लिए विद्या प्रवेश कार्यक्रम (स्कूल रेडीनेस) चलाया गया है। इसके अन्तर्गत खेल-खेल में बच्चे की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक अवधारणा को आनन्दमय बनाते हुए कौशल भी विकसित किया जाएगा। वर्क बुक में बच्चों को सरल तरीके से पढ़ाने के लिए चित्र, संख्या तथा रंग आदि का उल्लेख है।

कार्य पुस्तिका तैयार करने वाले राजकुमार ओझा ने बताया कि इस प्रकार की पुस्तिका से बच्चों के समझने की क्षमता का विकास जल्दी होगा।

बच्चों की नींव होगी मजबूत

समग्र शिक्षा के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विष्णुदत्त जोशी के मुताबिक ऐसी गतिविधियों से बच्चा जब आगे की कक्षा में प्रवेश करेगा, तो उसकी नींव मजबूत हो चुकी होगी और वह सहज ढंग से पढ़ाई को आत्मसात कर सकेगा।

इस कार्यक्रम में नर्सरी के बाद कक्षा एक में प्रवेश लेने के इच्छुक बच्चे भी हिस्सा ले सकते हैं। नामांकन बढ़ाने के लिए ग्रीष्मावकाश के दौरान हाउस सर्वे में भी अभिभावकों को इस कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी।

पांच दिन पढ़ाई, छठे दिन रिवीजन

कक्षा एक में नव प्रवेश विद्यार्थियों का सत्र एक जुलाई से शुरू होगा। उन्हें शुरुआती तीन महीने सप्ताह में पांच दिन शिक्षण कराया जाएगा। छठे दिन शनिवार को रिवीजन कराया जाएगा। ताकि बच्चे पांच दिन तक का याद किया भूल न सकें।

संस्था प्रधान का दायित्व रहेगा कि प्रतिमाह शिक्षकों-अभिभावकों से समीक्षा बैठक करके विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति को साझा करें।

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Author: Sarjit Singh

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