April 22, 2026 7:31 am

पति, 4 बच्चों का गला काटने वाली महिला-प्रेमी को उम्रकैद….

Jitu Kumar

Jitu Kumar

कलयुग क्या क्या दिखायेगा।

पति, 4 बच्चों का गला काटने वाली महिला-प्रेमी को उम्रकैद: प्रेमी को साथ लेकर मारने का बनाया था प्लान, पूरे परिवार के गले काट दिए थे

अलवर शहर शिवाजी पार्क में 6 साल पहले हुए खौफनाक हत्याकांड में मंगलवार को फैसला आ गया है। इस मामले में कोर्ट ने महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले सोमवार को इन पर आरोप साबित हो गए थे। लेकिन, सजा पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।
दरअसल, 2 अक्टूबर 2017 को महिला आरोपी और ताइक्वांडो कोच संतोष उर्फ संध्या शर्मा ने अपने प्रेमी हनुमान के साथ मिलकर अपने पति, 3 बेटे और भतीजे की हत्या करवा दी थी। इस हत्याकांड में हनुमान ने अपने दो साथी कपिल और दीपक के साथ मिलकर संतोष के सामने ही सभी के गले काट दिए थे।

वकील बोले- फांसी की मांग की गई थी, हाईकोर्ट में अपील करेंगे

वकील सुनील कुमार ने बताया कि हनुमान और संतोष को आजीवन कारावास हुई है। हमारे द्वारा फांसी की सजा की दलील रखी गई थी, क्योंकि ये रेयरेस्ट केस में आता है। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे और आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

जैसा हत्याकांड था उसके अनुसार फैसला नहीं

जांच अधिकारी विनोद सांवरिया ने फैसले के बाद कहा इस ब्लाइंड मर्डर में काफी मेहनत से काम किया और इसका खुलासा किया था। जैसा हत्याकांड था उसके अनुसार फैसला नहीं है। आरोपियों को सजा-ए-मौत होनी थी।

सजा के बाद भी कोई शिकन नहीं

मीडियाकर्मियों ने महिला से सवाल पूछा- क्या आपको अफसोस है, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद जब पूछा गया कि आप इस केस में कुछ बोलना चाहते हैं तो साथ में मौजूद पुलिसकर्मी उसे भगाते हुए कोर्ट में ले गए। सजा सुनाने के बाद दोनों के चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी

हत्याकांड की 2016 से प्लानिंग हो गई थी शुरू

इस हत्याकांड की प्लानिंग 2016 में ही शुरू हो गई थी, जब संतोष के पति बनवारीलाल शर्मा और बड़े बेटे मोहित को संतोष के अफेयर के बारे में पता चला। संतोष की करतूत सामने आने के बाद पति और बेटा उसे बाहर जाने के लिए टोकते थे। इतना ही नहीं पति और बेटे की रोक-टोक से वह इतनी परेशान हो गई थी कि हनुमान के साथ मिलकर पति और बड़े बेटे को मारने का प्लान बनाया। लेकिन, हत्या के दौरान जब दूसरे बच्चे भी नींद से जागने लगे तो हनुमान ने उनके भी गले काट दिए थे।

संतोष ने घर में दी थी एंट्री, भागने में की मदद

इस हत्याकांड की पूरी प्लानिंग संतोष और हनुमान ने ही की थी। कब, कैसे मारना है और हत्या के बाद कहां फरार होना सबकुछ पहले से तय था। हत्या से पहले सभी को रायता में नींद की गोली मिलाकर दी थी, जो हनुमान लेकर आया था। नींद की गोली देने के बाद हनुमान को कॉल कर संतोष ने बताया भी था कि सभी सो गए है। रात 1 बजे हनुमान अपने साथियों के साथ पहुंचा तो संतोष ने गेट खोला और इशारा करते हुए बताया कि उसका पति बनवारी कहां सो रहा है।
हत्या के बाद संतोष ने ही आरोपियों काे भागने में मदद की थी। आरोपी संतोष की स्कूटी लेकर फरार हुए थे और उसने 3 हजार रुपए भी दिए थे। लेकिन, पुलिस ने कॉल डिटेल से पूरे मामले का खुलासा करते हुए अगले दिन ही इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पकड़ लिया था
खुलासा होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट पेश की और मामला ट्रायल कोर्ट में चला। अब 6 साल बाद इस हत्याकांड का फैसला आया और सभी पर आरोप साबित हुए। सोमवार को सरकारी वकील की ओर से फांसी की सजा देने की दलील रखी गई थी।

The entire planning of this massacre was done by Santosh and Hanuman only. When, how to kill and where to escape after the murder, everything was pre-decided. Before the murder, everyone was given raita mixed with sleeping pills, which Hanuman had brought. After giving the sleeping pill, Santosh called Hanuman and told that everyone is asleep. When Hanuman reached with his companions at 1 am, Santosh opened the gate and pointed out where her husband Banwari was sleeping.
Santosh had helped the accused to escape after the murder. The accused absconded with Santosh’s scooty and he also gave Rs 3,000. But, revealing the whole matter from the call detail, the police caught all the accused of this murder the very next day.
After the disclosure, the police presented the charge sheet and the matter went on in the trial court. Now after 6 years, the verdict of this murder has come and all the charges have been proved. On Monday, an argument was made on behalf of the public prosecutor for the death penalty.

Jitu Kumar
Author: Jitu Kumar

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