

कोटा कोचिंग छात्रा बोली- पिता एक किडनी पर हैं, चिंतित रहते हैं तब कलेक्टर ने फोन कर कही ये बात
कोटा कोचिंग छात्रा बोली- पिता एक किडनी पर हैं, चिंतित रहते हैं तब कलेक्टर ने फोन कर कही ये बात….
जयपुर/कोटा, @MaruSangram। कोटा में लगातार कोचिंग छात्र-छात्राओं के सुसाइड करने की घटनाओं के बीच स्टूडेंट्स एग्जाम की तैयारियों में लगे है। ऐसे में कोटा के जिला कलेक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी लगातार कोचिंग छात्र-छात्राओं के बीच जा रहे हैं और उनसे संवाद कर उन्हें मोटिवेट कर रहे हैं।
शुक्रवार को भी डॉ.रविंद्र गोस्वामी एलन के जवाहर नगर स्थित समुन्नत कैम्पस के समरस ऑडिटोरियम में पहुंचे। यहां उन्होंने स्टूडेंट्स से संवाद किया और उन्हें मोटिवेट भी किया।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याएं भी डॉ. रविंद्र गोस्वामी से खुलकर शेयर किया। इस पर कलेक्टर गोस्वामी ने समाधान भी सुझाए।
बिहार की लड़की ने बताया अपना दर्द:
इधर बिहार के मधुबनी जिले से पढ़ाई करने आई एक छात्रा ने कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी को बताया कि उसके पिता प्रिंसिपल हैं और बेटी की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं। उनकी एक ही किडनी है। चिंतित होने से उनके स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।
रविंद्र गोस्वामी ने छात्रा के पिता को किया फोन:
छात्रा की बातें सुनकर कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने छात्रा के पिता को फोन किया। उन्होंने उनसे बात की और मोटिवेट किया। इसके साथ ही छात्रा को भी सकारात्मक रहते हुए एग्जाम की तैयारी करने को कहा।
ध्यान देने वाली बात है कि जिला कलेक्टर गोस्वामी इन दिनों नीट-यूजी के स्टूडेंट्स के मोटिवेशनल सेशन्स ले रहे हैं और उन्हें परीक्षा से पहले मोटिवेट करते हुए सकारात्मक रहकर परीक्षा देने के लिए कह रहे हैं।
इससे पहले प्लान B का दे चुके हैं सक्सेज मंत्रा:
इससे पहले कोटा कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी छात्रों को मोटिवेशनल सेशंस के दौरान प्लान ‘B’ का सक्सेज मंत्रा दे चुके हैं।
कोचिंग स्टूडेंट्स को अपनी विफलता की कहानी बताकर यह सीख दी कि चाहे जिस परीक्षा की तैयारी करो लेकिन हमेशा प्लान बी होना जरूरी है।
कौन हैं कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी:
डॉ. रविंद्र गोस्वामी 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे फिलहाल कोटा में कलेक्टर हैं। यहां छात्रों में एक बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने कहा- मैं फेल होकर पास होने वाला परफेक्ट एग्जांपल हूं।
प्री मेडिकल एग्जाम पीएमटी, प्रीपीजी, आर्मी कैप्टन, यूपीएससी ऐसी सभी परीक्षाओं में पहली बार में सफलता नहीं मिली।
Author: Sarjit Singh







