

महात्मा गांधी बुनियादी शिक्षा केंद्र बनेगा वोकेशनल ट्रेनिंग का सेंटर
बीकानेर, @MaruSangram। प्रदेश के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियाें काे भी सरकार राेजगार के लिहाज से तैयार करने की याेजना पर काम कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने सप्लीमेंट बजट में घाेषणा भी की है।
महात्मा गांधी बुनियादी शिक्षा केंद्र शुरू करके प्रदेश के अावासीय और कुछ चयनित स्कूलाें के विद्यार्थियाें काे इस केंद्र के माध्यम से वाेकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही वर्कशाॅप्स का भी अायाेजन किया जाएगा। सरकार इस पर 50 कराेड़ रुपए खर्च करेगी।
खास बात यह है कि यह केंद्र पहले राज्य स्तर पर शुरू हाेगा और फिर जिला स्तर तक सब सेंटर बनाकर विद्यार्थियाें काे पारंपरिक और आधुनिक जाॅब सेक्टर में काम करने लायक ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि अजमेर में फिलहाल काेई आवासीय स्कूल नहीं हैं, लेकिन केकड़ी में एक बनना है। चयनित स्कूलाें में अजमेर की कुछ स्कूलें शामिल हाेने पर जिले के विद्यार्थियाें काे भी इसका लाभ मिलेगा।
‘11वीं-12वीं कक्षा से ही विद्यार्थी पारंपरिक और आधुनिक जाॅब सेक्टर में काम करने लायक बनेंगे’
राज्य सरकार की यह घाेषणा युवाओं के लिए इसलिए बेहतर है क्याेंकि 11वीं और 12वीं कक्षा से ही विद्यार्थियाें काे पारंपरिक और आधुनिक जाॅब सेक्टर में काम करने लायक बनाने की पहल इसमें हैं। वाेकेशनल ट्रेनिंग देकर विद्यार्थियाें में स्किल डेवलमेंट किया जाएगा। इससे युवाअाें काे जाॅब अपाॅर्च्यूनिटी मिलेगी। महात्मा गांधी बुनियादी शिक्षा केंद्र पहले चरण में राज्य स्तर पर ही शुरू हाेगा।
इसके बाद जिला स्तर पर सबसेंटर बनाए जाएंगे। जहां तक अजमेर में आवासीय स्कूल के नहीं हाेने से फायदा मिलेगा या नहीं का सवाल है ताे अभी यह स्कूल नहीं हैं, लेकिन केकड़ी में निर्माणाधीन है, आगे जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक आवासीय स्कूल बनेंगे। यानी ग्रामीण क्षेत्राें के युवाओं काे भी सरकार तैयार करने की याेजना पर काम कर रही है। इसका फायदा विद्यार्थियाें काे भी हाेगा और भविष्य में प्रदेश काे भी हाेगा।
डाॅ. एमएल अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य जीसीए
Author: Jitu Kumar







