December 1, 2025 5:12 am

महाजन में “सेंटिनल स्ट्राइक” इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज का आयोजन, हजारों जवान मय बीएमपी, टी-72 टैंक….

Sarjit Singh

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महाजन में “सेंटिनल स्ट्राइक” इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज का आयोजन, हजारों जवान मय बीएमपी, टी-72 टैंक…..

महाजन में “सेंटिनल स्ट्राइक” इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज का आयोजन, हजारों जवान मय बीएमपी, टी-72 टैंक….

“सेंटिनल स्ट्राइक” इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज का आयोजन : विविध फायरिंग प्लेटफार्मों का उपयोग

बीकानेर, @MaruSangram। सप्त शक्ति कमान ने तीन दिनाें तक राजस्थान के थार रेगिस्तान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में इंटीग्रेटेड फायर एंड एक्सरसाइज , “सेंटिनल स्ट्राइक” का आयोजन किया। जिसका समापन गुरुवार रात्रि को हुआ।

इस अभ्यास में एकीकृत तरीके से विविध फायरिंग प्लेटफार्मों का उपयोग किया गया, जिसमें मैकेनाइज्ड फोर्सेस तथा जमीनी हथियार प्रणाली और हवाई फायरिंग शामिल थी।

इस सैन्य अभ्यास में, लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर सप्त शक्ति कमान तथा अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।

युद्धाभ्यास में आधुनिक तोपखाने के हथियारों और घातक गोला-बारूद प्रणालियों द्वारा मिशन इंगेजमेंट, मैकेनाइज्ड फोर्सेस द्वारा आक्रामक जमीनी कार्रवाई और ड्रोन थ्रेट के वातावरण में जमीनी तथा हवाई प्लेटफार्मों द्वारा लाइव फायरिंग के साथ साथ काउंटर ड्रोन और सी-यूएएस ऑपरेशन शामिल थे। इसमें विभिन्न युद्ध शाखाओं के बीच व्यापक समन्वय शामिल था, जिसमें मल्टी -डोमेन परिस्थितियों में आधुनिक तकनीकों का उचित समावेश किया गया। युद्धक्षेत्र में निगरानी बढ़ाने तथा विभिन्न प्रतिभागियों के बीच ऑपरेटिंग इंटेलिजेंस जानकारी को साझा करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और क्षमताओं की पुष्टि की गई।

अटैक हेलीकॉप्टर, तोपें, अजेय (टी -72 टैंक) और बीएमपी जैसे अनेक फ़ोर्स मल्टीप्लायर तथा बहुउपयोगी एवं स्वदेशी रूप से निर्मित लंबी-रेंज हवाई एवं जमीनी प्रणालियाँ ने सर्विलांस आर्किटेक्चर के अनुरूप तालमेल पूर्ण तरीके से संचालन किया।

फायर पॉवर की विनाशकारी प्रभावशीलता लक्ष्य पर स्पष्ट रूप दिखाई दी और आधुनिक युद्ध में कल्पित काउंटर यूएएस ग्रिड की वास्तविक प्रभावशीलता को कई काइनेटिक एवं नॉन -काइनेटिक उपायों के प्रयोग से स्थापित किया गया।

आर्मी कमांडर ने सैनिकों के प्रशिक्षण के उच्च मानदंडों की प्रशंसा की और विभिन्न लड़ाकू एवं सहयोगी शाखाओं के बीच भागीदारी तथा तालमेल की सराहना की।

उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत ‘ पहल के तहत शामिल स्वदेशी प्लेटफार्मों की क्षमताओं के प्रभावी उपयोग की भी प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने सभी रैंकों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और पेशेवर दक्षता के लिए बधाई दी। और उनकी परिचालन तत्परता में सुधार हेतु निरन्तर नई लड़ाकू कार्यप्रणालियों की खोज तथा अपनी युद्धक क्षमताओं के संवर्धन की आवश्यकता पर पुनः बल दिया।

“Sentinel Strike” Integrated Firing Exercise Conducted in Maharaja, Thousands of Soldiers Including BMPs, T-72 Tanks…

“Sentinel Strike” Integrated Firing Exercise Conducted in Maharaja, Thousands of Soldiers Including BMPs, T-72 Tanks…

“Sentinel Strike” Integrated Firing Exercise Conducted: Various Firing Platforms Utilized

Bikaner, @MaruSangram. The Sapta Shakti Command conducted the three-day Integrated Fire and Tactical Exercise, “Sentinel Strike,” at the Mahajan Field Firing Range in the Thar Desert of Rajasthan. It concluded on Thursday night.

The exercise utilized a variety of firing platforms in an integrated manner, including mechanized forces, ground weapon systems, and aerial firing.

Lieutenant General Manjinder Singh, Army Commander, Sapta Shakti Command, and other senior military officers were present at the exercise.

The exercise included mission engagements using modern artillery weapons and lethal ammunition systems, offensive ground operations by mechanized forces, and live firing by ground and air platforms in a drone threat environment, as well as counter-drone and C-UAS operations. It involved extensive coordination between various combat arms, utilizing modern technologies in a multi-domain environment. State-of-the-art surveillance systems and capabilities were validated to enhance battlefield surveillance and share operational intelligence among various participants.

Attack helicopters, artillery, numerous force multipliers such as Ajeya (T-72 tanks) and BMPs, along with multi-purpose and indigenously developed long-range air and ground systems operated in synergy in accordance with the surveillance architecture.

The devastating effectiveness of firepower was clearly demonstrated on the target, and the actual effectiveness of the envisioned counter-UAS grid in modern warfare was established through the use of a variety of kinetic and non-kinetic measures.

The Army Commander commended the high standards of training of the troops and appreciated the partnership and synergy between the various combat and support branches.

He also praised the effective utilization of the capabilities of indigenous platforms inducted under the ‘Atmanirbhar Bharat’ initiative. He also congratulated all ranks for their excellent performance and professionalism. He reiterated the need to continuously explore new combat methodologies and enhance their combat capabilities to improve their operational readiness.

Sarjit Singh
Author: Sarjit Singh

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