
बड़ी खबर: बांग्लादेश में हो रही हिंदू प्रताड़ना के विरुद्ध हिन्दु सन्तों के नेतृत्व में निकली विशाल हिन्दु आक्रोश रैली
बड़ी खबर: बांग्लादेश में हो रही हिंदू प्रताड़ना के विरुद्ध हिन्दु सन्तों के नेतृत्व में निकली विशाल हिन्दु आक्रोश रैली…..
बांग्लादेश में हो रही हिंदू प्रताड़ना के विरुद्ध हिन्दु सन्तों के नेतृत्व में निकली विशाल हिन्दु आक्रोश रैली
बीकानेर, @MaruSangramnews। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में हिन्दु सन्तों के नेतृत्व में सर्व हिंदु समाज के विविध संगठनों के पदाधिकारियों, जागरूक सदस्यों सहित हजारों की संख्या में मातृशक्ति व हिन्दुसंगठनो के कार्यकर्ताओं ने आज दिनांक 16/8/24 को प्रातः 11 बजे गांधी पार्क बीकानेर से जिलाधीश कार्यालय तक हो रही बारिश की परवाह न करते हुए रैली के रूप में पहुँच कर देश के राष्ट्रपति जी के नाम ज्ञापन दिया।
रेली में शिवबाडी के पीठाधीश्वर पूज्य महन्त विमर्शानन्द महाराज, रामझरोखा कैलासधाम आश्रम के पीठाधीश्वर पूज्य सरजूदास महात्यागी, महन्त वसुन्धरा बहुमुखी, महन्त श्रीनिवासन, केदारनाथ गुफा के महन्त ओमकारनाथ, सन्कर्षणप्रिय दास के नेतृत्व में हजारों की संख्या में मातृशक्ति व बन्धु सम्मिलित होकर बांग्लादेश में हिन्दु मन्दिर- मठों, मातृशक्ति व बन्धुओं पर हो रहे अत्याचार-लूटमार को रोकने हेतु रैली निकाल कर अपना आक्रोश प्रकट किया और राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन जिलाधीश महोदय को दिया गया।
रैली के माध्यम से सर्वजातीय हिन्दु संगठनों के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं एवं विविध संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मातृशक्ति सहित पहुँचकर मौन रखते हुए अनुशासित रूप से रैली में सम्मिलित होकर अपना रोष प्रकट किया कि हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिन्दुओं व ग़ैर मुस्लिम मतावलंबियो पर हो रहे अमानवीय अत्याचार, माताओं-बहनों के साथ दुराचार, उनके जानमाल और आस्था केन्द्रों को नष्ट-भ्रष्ट करने का कार्य कट्टरपंथी ताक़तों द्वारा किया जा रहा है। यह हम सभी भारतीयों के लिए भी चिंताजनक है।
इस कारण वहाँ की अंतरिम सरकार से भारत सरकार को वार्ता व अन्य आवश्यक कूटनीतिक संवाद-संपर्क करके समाधान की अपील की गई।
इस प्रकार से अमानवीय अत्याचारों को रुकवाने, आतंकी तत्वों के नकेल कसवाने व पीड़ित समाज के जानमाल की रक्षा करने की माँग के लिए ही जिलाधीश बीकानेर कार्यालय के सामने आज मौन प्रदर्शन करके राष्ट्रपति जी के नाम ज्ञापन दिया गया।
Author: Sarjit Singh







