April 13, 2026 1:02 pm

प्रेमी संग मिलकर मां ने की थी मासूम की हत्या: भांग पिलाई, फिर जहर दिया, तब भी नहीं मरा तो दुपट्टे से गला घोंटा; प्रेमी ने पत्थर से सिर कुचला…..

Sarjit Singh

Sarjit Singh

प्रेमी संग मिलकर मां ने की थी मासूम की हत्या

भांग पिलाई, फिर जहर दिया, तब भी नहीं मरा तो दुपट्टे से गला घोंटा

प्रेमी ने पत्थर से सिर कुचला

प्रेमी संग मिलकर मां ने की थी मासूम की हत्या: भांग पिलाई, फिर जहर दिया, तब भी नहीं मरा तो दुपट्टे से गला घोंटा; प्रेमी ने पत्थर से सिर कुचला…..

 

अजमेर, @MaruSangram। मां अपने प्रेमी से मिलती तो 8 साल का मासूम घर में ही होता। शाम को जब पिता आते तो वह सारी बातें उन्हें बता देता। इससे परेशान होकर मां ने प्रेमी संग मिलकर 8 साल के विशाल की मौत का प्लान बनाया। पहले भांग पिलाई फिर फ्रूटी में जहर मिलाकर दे दिया। इससे भी जब वह बच गया तो जंगल में ले जाकर रस्सी से उसके हाथ बांधे और चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। वह बच ना जाए इसलिए मां के प्रेमी ने एक बड़े पत्थर से उसका सिर भी कुचल दिया।

नसीराबाद सदर थाना और जिला स्पेशल टीम ने 28 नवंबर को मिली मासूम की लाश के मर्डर का शुक्रवार 1 दिसंबर को खुलासा किया। हत्या विशाल की मां संगीता (38) और उसके प्रेमी लालाराम (20) ने की थी।

पुलिस ने आज शुक्रवार को दोनों आरोपियों को बिजयनगर से गिरफ्तार किया तो संगीता ने पुलिस से कहा- चाहे आप हमें गिरफ्तार कर लो लेकिन हमारी शादी करवा दो। दोनों के चेहरे पर अपने किए की कोई शर्म नहीं थी।

पूरा मामला क्या था

नसीराबाद सदर थाना पुलिस को 28 नवंबर को सुबह 8 के करीब जयपुर-अजमेर हाईवे मोतीपुरा के जंगल में बंद फैक्ट्री के सामने 8 साल के मासूम की लाश मिली थी।

बच्चे के दोनों हाथ पीठ की ओर पीछे की तरफ बंधे थे और उसके सिर भारी पत्थर से कुचला हुआ था। पहचान ना हो पाने के कारण पुलिस ने आसपास CCTV फुटेज चेक किए और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर उसके घर पहुंची थी।

बच्चे की पहचान भिनाय निवासी विशाल उदय (8) पुत्र नाथू के रूप में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने पिता से पूछताछ की तो मालूम चला कि 27 नवंबर की सुबह संगीता ही विशाल को लेकर अपने प्रेमी लालाराम संग भाग निकली थी।

पुलिस ने विशाल की मां को अरेस्ट किया तो उसने कहा- चाहे हमें गिरफ्तार कर लो लेकिन हमारी शादी करा दो। उसके चेहरे पर बेटे की हत्या करने की शिकन तक नहीं थी।

पिता के आने पर मां के प्रेमी की जानकारी देता था विशाल

अजमेर एसपी चुनाराम जाट के अनुसार, आरोपी मां संगीता (38) ने पूछताछ में बताया कि वह लालाराम (20) को 2 साल से जानती है। दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते थे। उसके पति की गैरमौजूदगी में लालाराम अक्सर भिनाय स्थित घर आया करता था। इस दौरान उसका बेटा विशाल घर पर मौजूद रहता था।

संगीता ने बताया कि लालाराम के जाने के बाद उसका बेटा इसकी पूरी जानकारी अपने पिता नाथू देता था। इसके बाद उसका पति उसके साथ मारपीट करता था। इसी कारण दोनों परेशान थे।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि करीब 2 दिन पहले भी घर में जब दोनों मिले तो इसकी जानकारी बच्चे ने अपने पिता को दी थी।

पिता ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी की थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर बच्चे को मारने की प्लानिंग की थी। प्लानिंग के दो दिन बाद बच्चे को मौत के घाट उतार दिया था।

पुलिस ने जब दोनों को गिरफ्तार किया तो संगीता ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आप हमें चाहे गिरफ्तार कर लीजिए लेकिन हमारी शादी करवा दीजिए।

3 बार में भी नहीं मरा तो पत्थर से सिर कुचला

संगीता और लालाराम ने पूछताछ में बताया कि 27 नवंबर को दोनों विशाल को घर से लेकर निकल गए थे।

बांदनवाड़ा (भिनाय) में एक चाय की होटल पर रुके। यहां उन्होंने विशाल को चाय में भांग की गोली दे दी। बच्चा इससे बेसुध हो गया। वह अपने होश में नहीं रहा।

इसी दौरान दोनों ने एक फ्रूटी में जहर मिलाकर उसे दे दिया। इसके बाद भी विशाल पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद दोनों बच्चे को लेकर नसीराबाद के मोतीपुरा के जंगल में ले गए। यहां पर मां संगीता ने अपने दुपट्टे से बेटे का गला घोंट दिया। वहीं दोनों को लगा कि अगर यह जिंदा बच गया तो हमारी करतूत को जग जाहिर कर देगा। ऐसे में लालाराम ने एक बड़ा पत्थर लिया और उससे विशाल का सिर कुचल दिया।

बच्चे का मर्डर करने के बाद दोनों आरोपी बाइक के जरिए फरार हो गए। इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली भागने की फिराक में थे। इसी समय में पुलिस ने उन्हें बिजयनगर से पकड़ लिया।

हुआ था पोस्टमॉर्टम

गुरुवार देर शाम बच्चे की पहचान भिनाय निवासी विशाल के रूप में हुई थी। उसके पिता नाथू राम अजमेर में मजदूरी करते हैं। इसके बाद पुलिस ने पिता को भी ढूंढने के प्रयास किए थे। पिता के मिलने के बाद उन्हें इसकी जानकारी दी गई।

गुरुवार सुबह मृतक के पिता नसीराबाद पहुंचे और परिवार की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया था।

हत्या के बाद बचने की प्लानिंग भी पूरी थी

एसपी चुनाराम जाट ने बताया कि दोनों आरोपी शातिर दिमाग के थे।
पुलिस से बचने के लिए कई बार अपना मोबाइल बदल रहे थे। लेकिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को दिल्ली भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस टीम में ASI शंकर सिंह, रणवीर सिंह, हेड कांस्टेबल सीताराम, कांस्टेबल महिपाल, संतराम मीणा, सुरेश चौधरी, गजेंद्र मीणा, रामनिवास, साइबर सेल से कांस्टेबल मुकेश शामिल रहे।

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Author: Sarjit Singh

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