April 15, 2026 6:10 pm

फर्जी पुलिस : 1 घंटे में 4 को लूटा, 17 दिन बाद फिर से…..

Sarjit Singh

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फर्जी पुलिस : 1 घंटे में 4 को लूटा, 17 दिन बाद फिर से…..

फर्जी पुलिस : 1 घंटे में 4 को लूटा, 17 दिन बाद फिर से अजमेर आया सरगना पकड़ा; ठगी कर कोटा भागे थे बदमाश

अजमेर, @MaruSangram। पुलिस का फर्जी आईडी दिखाकर राहगीरों को लूटने वाली गैंग के सरगना को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। ये रास्ते में गुजर रहे बुजुर्गों को रोक कर उनसे सोने-चांदी के जेवरात उतरवा लेते थे। ये उनसे कहते कि आगे बड़ी वारदात हुई है और एसपी साहब चेकिंग कर रहे हैं। सहूलियत के लिए आप ये ज्वेलरी उतार कर लिफाफे में डाल दीजिए। नजरें बचाकर ये लिफाफा बदल देते और रफूचक्कर हो जाते थे।

आरोपियों ने 1 घंटे में 4 वारदात की और बाइक से कोटा भाग निकले थे। ये हर वारदात के बाद अपनी शर्ट बदल लेते ताकि सीसीटीवी फुटेज में पहचान में ना आ सकें।

मामला अजमेर के चार थानों में 20 सितम्बर को दर्ज हुआ था। आज जब ये दुबारा वारदात को अंजाम देने अजमेर पहुंचे तो पुलिस को भनक लग गई और इन्हें पकड़ लिया गया।

अजमेर आते ही पकड़ा गया

अजमेर उत्तर सीओ भोपाल सिंह भाटी ने कहा कि टीम को इनके हुलिए से मिलते जुलते संदिग्ध लोगों के कोटा में आने की सूचना मिली थी। शनिवार 11 बजे कार्रवाई करते हुए गांधी भवन के पास से किशोरपुरा कोटा सिटी निवासी हसन अली (27) पुत्र यासीन अली उर्फ सिया उर्फ कुर्बान अली को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी हसन अली ईरानी गैंग का सरगना है।
साल 2019 में जिला बूंदी में इसी तरह की वारदातों में जेल जा चुका है। 2020 में जमानत पर बाहर निकालने के बाद वह फिर से ठगी की वारदातों में लिप्त हो गया। सरगना ने अपने अन्य साथियों के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में वारदात को अंजाम दिया था।

1 सितंबर 2023 को कोटा सिटी में तीन वारदात व 21 सितंबर 2023 को कोटा सिटी में दो वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी से उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस ने बताया कि ये सड़क से गुजर रहे राहगीरों और बाइक सवारों पर नजर रखते थे। जैसे ही इन्हें कोई शिकार नजर आता था तो ये उसके पीछे लग जाते।

मौका देखकर उन्हें रोकते और पुलिस का फर्जी आईडी दिखाकर कहते- आगे बड़ी वारदात हुई है, एसपी साहब के आदेश हैं। आप ये जेवर उतार कर इस लिफाफे में डाल दीजिए।

जैसे ही विक्टिम उनकी बात मान कर जेवर उतारते ये लोग नजरें बचाकर लिफाफा बंद कर देते। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि एक आदमी शिकार को बातों में उलझता और दूसरा लिफाफा बंद करने के बहाने उसे बदल देता। इसके बाद ये तुरंत वहां से फरार हो जाते थे।

एक ही दिन में चार थानों में दर्ज हुआ था मामला
अजमेर उत्तर सीओ भोपाल सिंह भाटी ने कहा कि 20 सितंबर 2023 को कोतवाली थाने पर फॉयसागर निवासी हरीश वाधवानी ने मुकदमा दर्ज करवाया था।

शिकायत में पीड़ित ने बताया था कि सुबह जब वह घर से स्कूटर पर अपनी दुकान की तरफ जा रहा था तो जीपीओ के बाहर दो युवकों ने रुकवाया व स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर उसकी चेन, अंगूठी उतार कर एक लिफाफे में रखवा ली और उसे झांसा देकर दूसरा लिफाफा पकड़ा दिया और जेवर लेकर भाग गए।

पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन किया गया और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी दिन अलवर गेट थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला, फिर रामगंज में बुजुर्ग दंपति और आखिर में क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में स्टूडेंट को वारदात का शिकार बनाया था।

पुलिस ने कहा कि हर वारदात को अंजाम देने के बाद ये लोग अपनी शर्ट बदल लेते थे। ताकि पुलिस की नजरों से बच सके। ये लोग सीसीटीवी की पकड़ से बचते हुए 4 बार अपनी शर्ट बदलकर शहर में वारदातों को अंजाम देते रहे। इन्होने 1 घंटे में 4 ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। बाद में सभी आरोपी कोटा फरार हो गए थे।

घटना के दिन 20 सितम्बर को अजमेर में 1 घंटे में अलग-अलग जगह 4 वारदातें हुई थी।

इसके बाद एसपी एडिशनल एसपी वैभव शर्मा ने अपील जारी कर कहा था कि ऐसी कोई चेकिंग नहीं हो रही है। इसलिए ऐसे ठगों से बचकर रहें।

तीन राज्यों में वारदात को दिया अंजाम
सीओ भोपाल सिंह भाटी ने बताया कि आरोपी सरगना ने अपने अन्य साथियों के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में वारदात को अंजाम दिया था।

1 सितंबर 2023 को कोटा सिटी में तीन वारदात और 21 सितंबर 2023 को कोटा सिटी में 2 वारदातों को अंजाम दिया गया। ये गैंग पूरे देश में सक्रिय है, जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।

इन्हें पकड़ने के लिए टीम ने अभय कमांड सेंटर अजमेर, जयपुर व किशनगढ़ के सीसीटीवी फुटेज देखे। होटल व ढाबों पर लगे कैमरों को भी चेक किया गया।

500 से ज्यादा सीसीटीवी को चेक किए गए। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपी से उसके अन्य साथियों और माल की बरामदगी को लेकर पूछताछ में जुटी है।

टीम में विशेष योगदान प्रशिक्षु आरपीएस कार्तिकेय, थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह, साइबर थाने के एएसआई भगवान सिंह, रणवीर सिंह और कोतवाली थाने के कॉन्स्टेबल मोतीराम का रहा।

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Author: Sarjit Singh

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